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विश्व हिन्दी सम्मेलनों से हिन्दी का कितना भला

हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) पर विशेष विनोद नागर (लेखक भोपाल व मॉरीशस के विश्व हिन्दी सम्मेलनों में भाग ले चुके वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं.) 1975 से विश्व हिन्दी सम्मेलन के नाम पर दुनिया भर में हिन्दी का डंका बजाने की कवायद हर तीसरे साल की जाती रही है. हाल …

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प्रसिद्ध वैज्ञानिक जे.सी बोस के नाम से जाना जायेगा वाईएमसीए

फरीदाबाद, 11 सितम्बर (एएनएस) ।  अपनी स्थापना के 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहा वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद अब से जे.सी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए फरीदाबाद के नाम से जाना जायेगा। हरियाणा विधानसभा के चल रहे मॉनसून सत्र में वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, …

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चित्रांकित है संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत-11

– लक्ष्मीनारायण भाला कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंधों से संबंधित नीति-नियमों का जिस भाग में उल्लेख दिया गया है उस 16वें भाग में धारा 330 से 342 अर्थात कुल 13 धाराएं समाहित है। विगत कई दशकों से विदेशी जातियों एवं जनजातियों की जो सूची बनायी गई थी उस …

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चित्रांकित है संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत-10

– लक्ष्मीनारायण भाला लोकतांत्रिक मार्ग का सर्वाधिक महत्व का पड़ाव है, निर्वाचन। महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह पड़ाव नाजुक एवं संवेदनशील भी है। ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा तक अपने प्रतिनिधि चुनने की इस चयन प्रक्रिया को लोकतंत्र का महापर्व ही कहा जाएगा। कुल 22 भागों एवं 3 उपभागों में …

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चित्रांकित है संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत-9

– लक्ष्मीनारायण भाला भारत के संविधान की धारा 308 से 323 तक कुल 16 धाराएं भाग 14 में समाविष्ट की गई हैं। इसी भाग का विस्तार 14 (क) में धारा 323 के ही ‘क’ तथा ‘ख’ अंश को समाहित किया गया है। केन्द्र और राज्य के अधीन आने वाली सेवाएं …

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भारत ने खोया ‘अटल रत्न’

ठन गई! मौत से ठन गई! जूझने का मेरा इरादा न था, मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, यूं लगा जिंदगी से बड़ी हो गई। मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी …

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चित्रांकित है संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत-8

  – लक्ष्मीनारायण भाला संविधान का भाग तेरह (13) धारा 301 से लेकर 307 तक, कुल 8 धाराओं में सिमटा हुआ है। भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार-वाणिज्य एवं आंतरिक लेन-देन की नीतियों को स्पष्ट करने वाली इन आठ धाराओं में व्यापार-वाणिज्य एवं लेन-देन की स्वतंत्रता, केन्द्र व राज्य …

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दरकते रिश्तों का गड़बड़झाला ‘साहब, बीवी और गैंगस्टर-3’

सिने विमर्श: – विनोद नागर बांग्ला भाषा के यशस्वी साहित्यकार बिमल मित्र के 1953 में प्रकाशित उपन्यास पर श्वेत श्याम फिल्मो के युग में प्रबुद्ध फिल्मकार गुरुदत्त ने ‘साहब, बीवी और गुलाम’ (1962) बनाई थी. उनकी इस कृति को आज भी भारत की श्रेष्ठ फिल्मो में गिना जाता है. गुरुदत्त ‘साहब, …

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चित्रांकित है संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत-7

– लक्ष्मीनारायण भाला केन्द्र सरकार एवं राज्यों के बीच संबंध, विधायी शक्तियों का वितरण, प्रशासनिक संबंध, राज्यों पर संघ (केन्द्र) का नियंत्रण, आपातकाल की घोषणा की जैसी स्थितियों, अंतरराज्यीय संबंधों को सुदृढ़ करने वाले विषय, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों एवं करारों को प्रभावी करने के लिए विधान, राज्यों को अधिक शक्ति देने …

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कभी हँस भी लिया करें

– डॉ. दीपक आचार्य धीर-गंभीर होना अलग बात है और हमेशा गंभीर रहना अलग बात। गंभीर बातों के वक्त गंभीर रहना और उसके अलावा हमेशा अपनी मस्ती में रहना बिरले लोग ही कर सकते हैं। अन्यथा अधिकांश लोग तो आजकल हँसना भूल गए हैं, खिलखिलाना तो गायब ही हो गया है। …

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