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22 जुलाई से शुरू होने वाले मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान को बनाएं मिशन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री

9 महीने से 15 वर्ष की उम्र के सभी बच्चों को लगवाएं मीजल्स-रूबेला का टीका – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने 22 जुलाई से प्रदेश भर में चलाए जाने वाले ‘मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान‘ को मिशन बनाकर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 9 महीने से 15 वर्ष के सभी बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाया जाए ताकि खसरा-रूबेला जैसी बीमारी का उन्मूलन हो और स्वस्थ राजस्थान का निर्माण किया जा सके।

गर्ग शनिवार को मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत यूनिसेफ और एनएचएम के तत्वाधान में आयोजित राज्य स्तरीय मीडिया कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग ने शत-प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।

 

उन्होंने मीडियाकर्मियों से अपील की कि वे इस अभियान के अधिकाधिक प्रचार में मदद करें ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित ना रह सके। उन्होंने कहा कि देश भर में अब तक 30 करोड़ से ज्यादा बच्चों को मीजल्स-रूबेला का टीका दिया जा चुका है और राज्य में 2 करोड से ज्यादा बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इस अभियान के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने और जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्‍यक्षता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री रोहित कुमार सिंह ने की। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उपायुक्त डॉ. प्रदीप हलदर ने बताया कि 2017 से मिजल्स-रूबेला टीकाकरण को बतौर अभियान बनाकर शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 से 6 सप्ताह में 100 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों पर 9 महीने से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने देश भर में चल रहे टीकाकरण अभियानों की चर्चा करते हुए विस्तार से जानकारी दी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त निदेशक श्री शंकर लाल कुमावत ने कहा कि प्रदेशभर में चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य मीजल्स-रूबेला जैसी संक्रामक बीमारी से नौनिहालों को मुक्त रखना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में व्यापक तौर पर अभियान चलाकर सवा दो करोड़ से ज्यादा बच्चों के टीकाकरण का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्कूली शिक्षा, महिला बाल विकास सहित अन्य विभागों की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने मीडिया से इस अभियान के भरपूर प्रचार-प्रसार का भी आग्रह किया।

टीकाकरण के परियोजना निदेशक डॉ. एसके गर्ग ने प्रदेश में चल रहे अभियान के की तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान यूनिसेफ की हेल्थ ऑफिसर श्रीमती मनीषा चावला ने टीकाकरण के दौरान होने वाली भ्रांतियों को भी मीडिया के जरिए दूर करने का आग्रह किया। यूनिसेफ की सीएफओ इसाबेल बारडेम ने कहा कि यह एक ग्लोबल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि 2020 तक पूरे प्रदेश को मीजल्स जैसी बीमारी से मुक्त करना यूनिसेफ और राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान महिला बाल विकास की निदेशक डॉ. सुषमा अरोड़ा और समग्र शिक्षा के श्री हरभान मीणा ने भी अपने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के जरिए कार्यक्रम को सफल बनाने का पूरा आश्वासन दिया। इस दौरान पब्लिक हेल्थ मेडिकल एंड हेल्थ सर्विस के निदेशक डॉ. वीके माथुर, आरसीएच निदेशक राम मीणा सहित कई विभाग के कई अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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