शनिवार , अगस्त 24 2019 | 03:59:52 AM
Breaking News
Home / राज्य / राजस्थान / बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें वापिस भेजा जाये: रघुनंदन शर्मा

बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें वापिस भेजा जाये: रघुनंदन शर्मा

जयपुर। देश के विभाजन का आधार ही धर्म को बनाया गया था। इस शर्त के साथ कि आबादी की अदला बदली होगी। मुसलमानों ने अपने लिए प्राप्त हिस्सों से इसी नियत की गई शर्त के आधार पर अल्पसंख्यकों को भारत में भगा दिया, भेज दिया, अथवा मार दिया गया अथवा धर्मपरिवर्तन के लिये मजबूर किया गया। भारत के बहुसंख्यकों ने न तो किसी को धर्म परिवर्तन के लिये कहा ना ही हत्याऐं की अपितु भारत के प्रभावशाली कांग्रेस के नेताओं ने भारत के अल्पसंख्यकों को पाकिस्तान जाने से रोक लिया। यह विचार आज होटल ग्रांड सफारी में भारत रक्षा मंच के दसवें स्थापना दिवस में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनन्दन शर्मा ने कहे।


उन्होंने आगे बताया कि 1947 से पूर्व जब भारत गुलाम था तब सभी धर्म जाति, राजनीतिक दल सबका एक लक्ष्य था, भारत को आजाद कराना।  लेकिन उसके पूर्व अंग्रेजों ने मुसलमानों से मिलकर देश को तोडने की साजिश रची। आधार बनाया हिन्दू और मुसलमानों को अपने-अपने देश चाहिए । हिन्दूओं ने कभी नहीं कहा कि अलग देश हो या हम मुसलमानों के साथ नहीं रह सकते। किन्तु मुसलमानों ने यह दलील दी कि हम हिन्दूओं के साथ नहीं रह सकते हैं। हमें अलग देश की इच्छा है। इस आधार पर जिस क्षेत्र में जो लोग बहुत संख्यक हैं उसी आधार पर देश बना दिये जाऐं।

कुछ समय बाद ही मुसलमानों ने अपनी नियत को उजागर कर दिया और वे खुले आम बोलने लगे, ‘‘लड़ के लिया है पाकिस्तान, हँस के लेंगे हिंदुस्तान’’ इन 70 वर्षों में इसी नीति पर यह वर्ग चला और अपनी जनसंख्या को तेजी से बढ़ाने के लिये हर प्रकार से जुट गया। वोट के लालची तथाकथित धर्म निरपेक्ष  वादियों ने प्रछन्न रूप से इनका साथ दिया। भारत में जनसंख्या का संतुलन बिगड़ा व बिगड़ रहा है। धर्मपरिवर्तन, मुस्लिम घुसपैठियों का प्रवेश, लव जेहाद, धर्म के आधार पर मिली विवाह व बच्चे पैदा करने की सुविधा आदि के कारण जनसंख्या बढ़ रही है। धर्म के आधार पर जनसंख्या बढ़ना हमारी चिन्ता का विषय है क्योंकि भारत धार्मिक जनसंख्या के आधार पर देश के टुकड़े होने का दंश झेल रहा है।

उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि यह शाश्वत सत्य है कि इस देश में जहां भी हिन्दू घटा वहां देश बंटा, अलगाववाद, आतंकवाद पैदा हुआ। अतः हमारी यह निश्चित धारणा है तथा मांग है धार्मिक आधार पर देश की जनसंख्या का संतुलन नहीं बिगड़ने दिया जाए। इस हेतु हमारी कुछ मांगे हैं जो कि समस्या का उपाय है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें वापिस भेजा जाये, राष्ट्रीय नागरिकता पंजिका बनाई जावे, रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में प्रवेश करने नहीं दिया जावे, समान कानून संहिता लागू की जावे। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाई जावे।

भारत रक्षा मंच के प्रदेश महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने संगठन की जानकारी देते हुए बताया कि भारत रक्षा मंच गैर राजनैतिक संगठन है, जिसका विश्वास है कि हिन्दुत्व की रक्षा ही भारत की रक्षा है। संगठन का उद्देश्य है कि उपरोक्त मांगों के लिये चार प्रकार के प्रभाव उत्पन्न होने चाहिए। राजनैतिक दलों को उपरोक्त मांगों के लिये सहमत होना चाहिये या सहमत किया जावे, जनमत बनाने के लिये जनजाग्रति की जावे। कानूनी वास्तविकता के माध्यम से न्यायालीन कार्यवाही की जावे। मीडिया को देश की वास्तविक समस्या से अवगत कराते हुए उनसे सहयोग मांगा जावे। इस प्रकार संगठन शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक तरीके से अपनी विचारधारा को जनता के सामने रखे इसलिये यह संगठन सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है।

भारत रक्षा मंच के प्रदेशाध्यक्ष नटवर लाल शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हमारे देश में इस समय पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार व भारत पाक युद्ध से बांग्लादेश बनने के बाद निरन्तर मुसलमानों की अवैध घुसपैठ हो रही है। जिसके लिए आसाम में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एन.आर.सी. बन रहा है। जिसके द्वारा अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होने वाली है। हमारी पुरजोर मांग है कि यह समस्या हमारे देश के अन्य राज्यों में भी गंभीर होती जा रही है। जिसके लिए पूरे भारत वर्ष में केन्द्र सरकार नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन लागू करे। जनसंख्या नियंत्रण कानून व समान नागरिकता कानून बनाया जावे। ताकि भारत की बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के संगठन मंत्री चन्द्रशेखर साथ ही विशिष्ट अतिथि विधानसभा सदस्य अशोक लाहोटी, विमल कटियार, बी.एस. रावत, एन.के. हर्ष, आर.पी. शर्मा और भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.सी. गुप्ता भी मौजूद रहे। अन्त में आर्शीवचन के रूप में देव घर झारखण्ड के आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी प्रकाशानन्द महाराज ने शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया।

आपको यह रिपोर्ट कैसी लगी, हमें बताएं। सरकारी और कॉरपरेट दवाब से मुक्त रहने के लिए
हमें सहयोग करें : -


* 1 खबर के लिए Rs 10.00 / 1 माह के लिए Rs 100.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 1100.00

Contact us

Check Also

सत्य का शोध ही विपश्यना: वल्लभ भंसाली

जयपुर। सत्य की शोध ही विपश्यना है। खुद को देखना ही विपश्यना है। विपश्यना वैज्ञानिक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *